नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू हो चुका है. लेकिन भारत हमेशा से Neighbour First कि नीति पर चलता आया है. ऐसे में भारत सरकार आज भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और सेशेल्स को अनुदान के तौर पर आज वैक्सीन देगा. भारत सरकार द्वारा कोविशील्ड वैक्सीन की 1.5 लाख डोज की पहली खेप को आज भूटान भेज दिया गया है.
इसी तर्ज पर अन्य पड़ोसी देशों को भारत सरकार धीरे धीरे कर वैक्सीन उपलब्ध कराएगी. भारत सरकार का कहना है कि पड़ोसी सहित अन्य कई देशों से भारत में निर्मित कोरोना वायरस के टीकों की आपूर्ति को लेकर अनुरोध मिले हैं. विदेश मंत्रालय का कहना है कि आने वाले हफ्तों और महीनों में चरणबद्ध तरीके से कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति जारी रखी जाएगी.
बता दें कि भारत में बने वैक्सीन की खेप को लेकर पाकिस्तान भी विचार कर रहा है कि भारत से यह वैक्सीन मंगवाई जाए. क्योंकि भारतीय वैक्सीन के मुकाबले चीन की वैक्सीन काफी महंगी और कारगर भी भारतीय वैक्सीन से कम है. ऐसे में पाकिस्तान भारत में निर्मित वैक्सीन मंगवाने पर विचार कर रहा है.
कोरोना महामारी के दौरान यह पहली बार नहीं है जब भारत ने अपने पड़ोसी या किसी देश की मदद की है. इससे पहले भी भारत ने अनुदान के तौर पर और निर्यात के तौर पर पड़ोसी व अन्य देशों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, रेमडेसिविर और पेरासिटामोल गोलियों के साथ-साथ डायग्नोस्टिक किट, वेंटिलेटर, मास्क, दस्तानों की बड़ी संख्या में आपूर्ति की थी.
