रायपुर. प्रदेश की राजधानी में बच्चों के हाथ भिक्षा मंगवाने के साथ कचरा उठाने का बड़ा कारोबार फल फूल रहा है। भाड़े में बच्चों को लेकर शहर में भीख मंगवाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग की सर्वे रिपोर्ट में चौंकाने वाला सच बाहर आया है। इस पर अफसर अलग-अलग मामलों की छानबीन में जुट गए हैं। काम पर लगाए गए ज्यादातर बच्चे पॉश इलाकों में मिले हैं। बड़े चौराहों पर भीख मांग रहे दल में ऐसे बच्चे भी निकले हैं, जिन्हें अपना बताने वाले माता-पिता ही फर्जी निकले। बड़ों के साथ घुमंतू बच्चों की फाइलें खोलकर अब छानबीन शुरू हुई है। अफसरों का कहना है, माता-पिता के बगैर मिलने वाले बच्चों से भीख मंगवाने बड़ा रैकेट पीछे हो सकता है। माता-पिता को भाड़ा देकर भी बच्चों को इस तरह से काम पर लगाने से इनकार नहीं है। बच्चों के बताए हुए पते और माता-पिता की जानकारी लेकर अब कुंडली खंगाली जा रही है। अभी की रिपोर्ट में 650 बच्चों की कुंडली तैयार हैं। बीरगांव के साथ ही शहर के कुछ और वार्डों से भी जानकारी आना बाकी है। सड़कों पर घुमंतू इन बच्चों की संख्या 1000 तक भी पहुंच सकती है। शंकर नगर जैसे पॉश इलाकों में नागपुर से भी बच्चों को लाकर उनसे भीख मंगवाया जा रहा है।
शाम होते ही शहर से नागपुर रवानगी शंकर नगर में सर्वे करने वाली एक सुपरवाइजर से चर्चा के दौरान पता चला, इस इलाके में नागपुर गिरोह का अच्छा खासा कब्जा है। शुरुआती जांच में पता चला है, बाकायदा एक दल नागपुर से बच्चों को लेकर पहुंचता है। दिनभर चौराहों पर भिक्षावृत्ति की ड्यूटी फिक्स होती है। जैसे ही दिन ढलता है, आका बच्चों को साथ लेकर निकल जाते हैं। अब इस गिरोह के नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने हरसंभव कोशिशें चल रही हैं। 50 प्रतिशत बच्चे उठा रहे कचरा महिला एवं बाल विकास के पास मौजूद रिपोर्ट में शुरुआती 100 बच्चों की दशा पर अध्ययन करें, तो 19 बच्चे भीख मांगने वाली टोली का हिस्सा हैं। इस प्रकरण 1000 बच्चों में इनका प्रतिशत 30 से 35 फीसदी हो सकता है। शुरुआती सौ बच्चों में 43 बच्चे कचरा उठाते हैं। इधर बाल श्रम के जरिए आय जुटाने वालों में 33 प्रकरण शामिल हैं। गहराई से जांच कर रहे हैं आशंका से इनकार नहीं है। बगैर माता-पिता के बच्चों की जानकारी होने पर गहराई से जांच कर रहे हैं। अगर भाड़ा देकर बच्चों से भीख मंगाए जाने के साक्ष्य मिले, तो खुद को पालक बताने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। – अशोक कुमार पांडे, अफसर महिला एवं बाल विकास
