रायपुर. गुजरात, हरियाणा, आंध्रप्रदेश और पंजाब में 1 फरवरी से स्कूल खोल दिए गए हैं। दिल्ली और यूपी में भी जल्द स्कूल शुरु करने की तैयारी है। वहीं, छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्कूलों को खोलने का फैसला मंत्रियों पर छोड़ दिया है। आगामी कैबिनेट की बैठक में स्कूल खोलने या नहीं खोलने को लेकर फैसला होगा। प्राइवेट स्कूल ऐसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मिलकर स्कूल खोले जाने का आग्रह किया था। हालांकि कुछ ही दिन पूर्व शिक्षामंत्री प्रेमसाय सिंह ने कहा था कि कई जिलों में अभी भी कोरोना संक्रमण के केस आ रहे हैं। ऐसे में स्कूल खोलना खतरे से खाली नहीं है। मुख्यमंत्री श्री बघेल से स्कूल प्रारंभ करने संबंधी मांग को लेकर प्राईवेट स्कूलों के संचालकों का संगठन मिला था, तब उन्होंने प्रतिनिधि मंडल से कहा था यह बच्चों के स्वास्थ्य एवं भविष्य से जुड़ा विषय है। इस पर गहन मंथन की आवश्यकता है। इस विषय को कैबिनेट की बैठक में रखकर विचार किया जाएगा। पिछले साल मार्च से बंद हैं स्कूल पिछले साल कोरोना संकट आने के समय से ही प्रदेश के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूल बंद हैं। इस बीच महीनों का लॉकडाउन भी रहा। लगातार स्कूल बंद होने के कारण सबसे अधिक नुकसान बच्चों को पढ़ाई का हुआ और प्राइवेट स्कूल संचालकों को आर्थिक हानि उठानी पड़ी है। निजी क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों तथा वहां काम करने वाले अन्य कर्मियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अब कोरोना की वैक्सीन आने तथा राज्य में कोरोना के नए मरीजों की संख्या अत्यंत कम होने के कारण खतरा कम हुआ है। हालांकि रायपुर और दुर्ग में अभी भी संक्रमितों की संख्या ज्यादा है। रायपुर में औसतन 100 और दुर्ग में 50 संक्रमित मिल रहे हैं। प्रदेश के बाकी जिलों में कोरोना खत्म होने की तरफ है।
केंद्र भी स्कूल खोलने की तैयारी में केंद्र सरकार भी जेएनवी स्कूलों को फिर से खोलने की तैयारी में है। शिक्षा मंत्रालय ने जवाहर नवोदय विद्यालयों (जेएनवी) को फिर से खोलने के लिए एसओपी तैयार की है। जवाहर नवोदय विद्यालय परिसरों को स्वच्छ बनाये रखने, शारीरिक दूरी जैसे नियम बनाए गए हैं। जारी है ऑनलाइन पढ़ाई कोरोना संकट के बीच बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए पहली बार ऑनलाईन माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है। राज्य में लगभग सभी प्राईवेट स्कूल तथा अन्य सरकारी स्कूलों में इसी माध्यम के अपनाया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में शैक्षिक गतिविधियां जारी रखने के लिए पढ़ाई तुंहर द्वार योजना प्रारंभ की है। इसके माध्यम से सरकारी स्कूलों के बच्चों को पढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
हम प्रोटोकॉल का पालन करेंगे छत्तीसगढ़ में प्राईवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता का कहना है कि पूरे देश के हर जिले में स्कूल खुल चुके हैं। अब छत्तीसगढ़ में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के स्कूलों को तुरंत खोला जाना चाहिए। स्कूलों के लिए प्रशासन या सरकार जो भी प्रोटोकाल निर्धारित करेगी हम उसका पालन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रदेश में स्कूल खोलने के संबंध में कैबिनेट में विचार किया जाएगा। -डॉ. प्रेमसाय सिंह, स्कूल शिक्षामंत्री कई राज्यों में शुरु हुए स्कूल गुजरात, हरियाणा, पंजाब और आंध्र प्रदेश समेत 10 राज्यों में एक फरवरी से स्कूल खोल दिए गए हैं। वहीं, अब दिल्ली, यूपी, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और ओडिशा में भी फरवरी माह से स्कूलों को फिर से खोलने की तैयारी है। दिल्ली में 10वीं और 12वीं की कक्षाएं खुलने के बाद अब 9वीं और 11वीं की कक्षाएं खोलने का ऐलान हो गया है। यूपी में सरकार ने स्कूल खोलने का निर्देश भी नए सिरे से जारी कर दिया है। वहां दस दिन में कक्षा छह से 12 तक के स्कूल खोलने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि 12 फरवरी से उत्तर प्रदेश में सभी स्कूल खुल जाएंगे।
