घर में अलग-अलग कमरे मे मिली डाक्टर बाप-बेटे की लाश…

 उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विभूति खंड क्षेत्र में डॉक्टर पिता और बेटे ने खुदकुशी कर ली है. पिता और पुत्र दोनों डॉक्टर थे और पुलिस को 3 सुसाइड नोट मिले हैं. बेटे के शव के पास से सुसाइड नोट मिले हैं जिसमें एक में लिखा है, ‘अब सहा नहीं जाता’.

लखनऊ के विभूति खंड में बाप-बेटे दोनों साथ रहते थे. एक ही घर के अलग-अलग कमरे में पिता और बेटे का शव मिला है. माना जा रहा है कि दोनों ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी की है.

मामला विभूति खंड थाना क्षेत्र के विभव खंड का है. 75 वर्षीय माधव कृष्ण तिवारी और उनके बेटे गौरव तिवारी (46) ने खुदकुशी की है. मृतक माधव कृष्ण तिवारी रिटायर्ड चिकित्सा अधिकारी थे जबकि रायबरेली के पशु चिकित्सालय में डॉक्टर गौरव तिवारी की पोस्टिंग थी.

पुलिस ने मृतक गौरव तिवारी के पास से 3 सुसाइड नोट बरामद किए हैं, लेकिन मृतक पिता के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. बेटे के सुसाइड नोट में लिखा था, ‘अब और सहा नहीं जाता.’पिता और बेटे के शव को पोस्टमॉर्टम हाउस भेजा गया है. मौके पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी है.

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को पिता पुत्र घर में मौजूद थे। गौरव की मां बेटी के घर गई थीं वही, पत्नी सुष्मिता मायके में थी। इसी दौरान गौरव ने पिता को जहरीला पदार्थ खिलाने के बाद खुद भी खा लिया। घरवालों को जब घटना की जानकारी हुई तो स्वजन मौके पर पहुंचे। गौरव ने पत्नी, जीजा आशीष और भाई को संबोधित सुसाइड नोट लिखा है। नोट में लिखा है कि रोज रोज का कलह अब सहा नहीं जाता। मैं अपनी मौत का जिम्मेदार खुद हूं। पुलिस ने तीन सुसाइड नोट बरामद किए हैं। नोट में गौरव ने सभी को अलग अलग निर्देश दिए हैं। भाई को संबोधित नोट में गौरव ने लिखा है कि सुष्मिता को कौन कौन सा सामान वापस देना है। इसके अलावा पत्नी को लिखा है कि वह उसकी जगह नौकरी कर लेगी। इसके अलावा आशीष को बहन और छोटे भाई का ख्याल रखने के लिए कहा है।

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