मेनोपॉज से खुश ना हो महिलाएं, इंटिमेट पावर हो जाती है कम, और भी हैं कई नुकसान

पीरियड्स किसी भी महिला के लिए काफी अहम होते हैं. भले ही पीरियड्स के दौरान महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है लेकिन यह शरीर की अशुद्धियों को बाहर निकाल देता है. लेकिन एक ऊम्र के बाद महिलाओं के पीरियड्स बंद हो जाते हैं. इसे मेनोपॉज के नाम से जाना जाता है.

मासिक धर्म के स्थायी रूप से बंद हो जाने को रजोनिवृत्ति (Menopause) कहा जाता है. रजोनिवृति (मेनोपॉज) में महिलाएं मां बनने की क्षमता खो देती हैं. महिलाओं के लिए शरीर की ये अवस्था उसके लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर बहुत सारे बदलाव लाती है. उम्र के बढ़ने के साथ रजोनिवृत्ति होना बहुत नॉर्मल होता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि फिमेल हार्मोन का फंक्शन उम्र के साथ कमजोर होने लगता है. अंडाशय ,अंडा निष्कासित करना बंद कर देता है, इससे पीरियड्स भी नहीं होते हैं. महिलाओं को 40 साल की उम्र से ही मेनोपॉज के लक्षण दिखने लगते हैं. मेनोपॉज के बाद महिलाओं को कई तरह की समस्या का सामना भी करना पड़ता है. इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं. इससे महिलाओं को इंटिमेट लाइफ में भी कई तरह के उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं मेनोपॉज कैसे आपकी इंटिमेट लाइफ को प्रभावित करता है.

डिप्रेशन- मेनोपॉज से महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर काफी असर पड़ता है. मेनोपॉज आते ही कुछ महिलाओं को डिप्रेशन का सामना करना पड़ता है. महिलाओं को मूड स्विंग्स होते हैं जिस कारण उनकी सेक्स लाइफ प्रभावित होती है.

लो सेक्स ड्राइव- मेनोपॉज की वजह से महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते हैं. और सेक्स ड्राइव कम हो जाती है. इसके अलावा इस दौरान महिलाएं अपने पार्टनर के स्पर्श के प्रति भी असंवेदनशील होने लगती है.

इंटिमेंट होते समय दर्द का एहसास- मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन की कमी हो जाती है. जिस वजह से वजाइना में कई तरह के बदलाव होते हैं. और संबंध बनाते समय महिलाओं के वजाइना में दर्द होता है. लेकिन आपको बता दें कि इस दौरान महिलाओं के लिए शारीरिक संबंध बनाना फायदेमंद साबित होता है क्योंकि मेनोपॉज के दौरान वजाइना में रक्त प्रवाह कम हो जाता है और शारीरिक संबंध बनाने से यह बढ़ जाता है.

वजाइनल इंफेक्शन- मेनोपॉज के दौरान वजाइना में कई तरह के बदलाव होते हैं इससे वजाइना में बैक्टीरिया के स्तर में भी बदलाव देखने को मिलते हैं. इससे वजाइनल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *