टीकाकरण पर लग सकता है ग्रहण, स्वास्थ्य संयोजक भी आंदोलन की राह पर

रायपुर: आरंग कोविड टीकाकरण करने का कार्य भी प्रदेश के स्वास्थ्य संयोजकों द्वारा ही किया जाता है। जिले के अधिकारी कोविड टीकाकरण में वाहवाही लूटने के चक्कर में त्योहार और शासकीय अवकाश के दिवसों पर भी टीकाकरण का कार्य करवा रहे है। स्वास्थ्य संयोजकों द्वारा कोविड टीकाकरण के साथ-साथ उपस्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती माताओं का टीकाकरण, नवजात बच्चों का टीकाकरण के साथ-साथ मलेरिया, टीबी और कुष्ठ रोगियों के उपचार की व्यवस्था होती है। प्रदेश के 5200 उपस्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में समस्त 28 राष्ट्रीय कार्यक्रम और राज्य शासन की स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है। ऐसे में प्रदेश के 13500 स्वास्थ्य संयोजक, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, बीईटीओ के आंदोलन में जाने से कोविड टीकाकरण के साथ-साथ समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रें की स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर हो सकता है।

चुनाव के समय किए गए वादों को पूरा नहीं करने लगाया आरोप संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हरीश जायसवाल और महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सरोज बाघमार ने बताया की छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार स्वास्थ्य कर्मचारियों के संबंध में अपने घोषणा पत्र में किए गए वादे भूल गई है, प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदेश के जनता को कोविड टीका लगाकर सुरक्षित करने का काम किया है पर बदले में सरकार द्वारा विशेष कोरोना भत्ता सहित वेतनमान में बढ़ोत्तरी के वादे की घोषणा करने के बाद मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री घोषणाओं को अमल में नही ला पा रहे है। स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के महिला प्रकोष्ठ से रामशिला साहू और के. रिजवी द्वारा कहा गया की स्वास्थ्य संयोजकों के वेतन विसंगति का प्रस्ताव शासन स्तर पर वर्षो से लंबित है। इस मामले में स्वास्थ्य संयोजकों के कहना है की वो अपने ही विभाग के समकक्ष कर्मचारियों से वेतनमान में बहुत पीछे है, जिसको दूर करने की सहमति देते हुए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री पूर्ववर्ती सरकार के दौरान अनिश्चितकालीन हड़ताल में आए थे। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव द्वारा घोषणा पत्र बनाते समय स्वास्थ्य सनोजको की मांग को शामिल भी किया है।

इन मांगों को लेकर संभाग स्तर पर की जा रही आंदोलन की तैयारी स्वास्थ्य संयोजकों की मुख्य मांगो में विभाग के समकक्ष कैडर अनुरूप और विभागीय प्रस्ताव अनुरूप वेतनमान में 2200 से 2800 ग्रेड पे प्रदान किए जाने, ग्रामीण स्वास्थ्य सयोंजक का पदनाम परिवर्तित कर ग्रामीण स्वास्थ्य सहायक अधिकारी किए जाने, सभी उपस्वास्थ्य केंद्र में कलेक्टर दर पर वार्ड आया की नियुक्ति किए जाने, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में सी.एच. ओ. के इंसेटिव के आधार पर स्वास्थ्य संयोजकों के इंसीटिव प्रतिमाह बढ़ाए जाने, डाटा एंट्री के अतिरिक्त कार्य के लिए प्रतिमाह डाटा एंट्री भत्ता 5000 दिए जाने, स्वास्थ्यकर्मियों के लिए विशेष कोरोना भत्ता देने आदि मांग शामिल है। स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष टार्जन गुप्ता ने सभी जिलाध्यक्षों को आंदोलन के संबंध में जिला और संभाग स्तर पर तैयारी प्रारंभ करने का निर्देश जारी कर दिया है।

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