देश मे आज जिस तरह के हालात चल रहे है उनसे तो यही प्रतीत होता यह देश अब महात्मा गांधी के सपनो का देश न हो कर गोडसे की विचारधारा पर चल रहा है । गांधी जयंती के अवसर पर पूरे देश मे हर्षोल्लास के साथ गांधी जी को श्रद्धांजलि दी गयी । देश के प्रधानमंत्री मोदीजी ने भी गांधी जी श्रद्धांजलि दे कर देशवासियो को अहिंसा का पथ पर चलने की बातें कही, परन्तु क्या आज देश मे वाकई ऐसा हो रहा है ?? मोदी जी और भाजपाइयों के दोहरे चरित्र और दोगली राजनीति के बारे में तो हर कोई जानता है । जो हाल ही में हाथरस में फिर से प्रमाणित कर दिया गया ।
हाथरस में नाबालिग दलित बालिका के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के बाद जो उत्तर प्रदेश के भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो फैसला लिया और बिना पीड़ित परिवार को जानकारी दिए उस बालिका का दाह संस्कार कर दिया यह अपने मे एक घृणा का विषय है । महात्मा गांधी के सपने के देश मे जहाँ उन्होंने हमेशा अहिंसा का पाठ पढ़ाया और जीवन भर हरिजनों के उत्थान के लिए कार्य किया तो ऐसे परिपेक्ष ने अगर आज देश मे न्याय ही न मिले तो मोदीजी और योगी आदित्यनाथ को महात्मा गांधी जी को श्रद्धांजलि देने का ढोंग बंद कर देना चाहिए ।
देश के सबसे पुराने पार्टी कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान सांसद राहुल गांधी जी के साथ भाजपा की केंद्र और उत्तरप्रदेश की सरकार ऐसा रवैया अपना रही है और एक सांसद को अगर पीड़ित परिवार से मिलने तक नही दिया जा रहा है बल्कि उल्टा मारपीट जैसी हरकत करी जा रही है तो आज देश मे न्याय की उम्मीद रखने और न्याय दिलाने वाले दोनों पक्ष का मनोबल कमज़ोर हो जाएगा । दीपक कर्मा जी कहा कि की हाथरस में जो भी राहुल गांधी जी के साथ हुआ वो निंदनीय और शर्मनाक है । भाजपा सरकार अपनी संवेदनाएं खो चुकी है और गांधी के देश को गोडसे की विचारधारा वाले लोगो की हांथो में धकेला जा रहा है । कर्मा जी ने कहा कि देश की जनता, हाथरस के उस पीड़ित परिवार के लिए सिर्फ न्याय चाहती है और अगर मोदी – योगी सरकार यह न्याय दिलाने में भी असक्षम है तो उन्हें देश चलाने का कोई हक नही है ।
