देश में किसानों को सस्ता लोन मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं. इस क्रेडिट कार्ड पर खर्च की कुल सीमा 1.35 लाख रुपये है. यानि किसानी क्रेडिट कार्ड के माध्यम से एटीएम 1.35 लाख रुपये निकाल सकता है वो भी बैंकों के चक्कर लगाए बगैर. बता दें कि इस राशि पर किसानों को बेहद कम ब्याज देना होगा. इस कार्ड का अबतक 1.5 करोड़ किसानों को फायद पहुंच चुका है. बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा आत्मनिर्भर पैकेज के तहत सरकार ने विशेष अभियान चलाया था. सरकार का लक्ष्य कार्ड की क्षमता को 2 लाख तक करना और 2.5 करोड़ किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड जारी करवाना है. किसान क्रेडिट कार्ड इसी पैकेज के तहत 1.5 करोड़ किसानों को बांटे गए हैं
बता दें कि साल 1998 में किसान क्रेडिट कार्ड की शुरुआत हुई थी. इसका उद्देश्य किसानों को बिचौलियों से बचाना व मुश्किल समय में किसानों को समय पर लोन उपलब्ध कराना था. बता दें कि भारत सरकार द्वारा इस क्रेडिट कार्ड के लोन के ब्याज पर 2 प्रतिशत सब्सिडी दिया जा रहा है. साथ ही सही समय पर लोन चुकाने वालों को सरकार की तरफ से 3 प्रतिशत की प्रोत्साहन छूट भी दी जाएगी. ऐसे में इस क्रेडिट कार्ड का सालान ब्याज 4 प्रतिशत होता है
केंद्र सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 2019 में किसान क्रेडिट कार्ड में ब्याज दर पर सब्सिडी की सुविधा किसानों सहित पशुपालकों, मछली पालकों, डेयरी उद्योग के लोगों को भी देना का ऐलान किया है. बता दें कि यह ऋण बिना किसी गारंटी के सरकार द्वारा किसानों को दिया जाता है. लोन की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर अब 1.60 लाख कर दिया गया है.
बता दें कि सरकार द्वारा किसानों को सस्ते रेट पर लोन उपलब्ध कराने से किसानों की आय में वृद्धि होगी और वे बिचौलियों से बचे रहेंगे, वरना उनपर कर्ज का बोझ बढ़ जाएगा. बता दें कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, साथ ही कृषि संबंधित क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ेगा.
