त्योहारों से पहले रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. इस साल रेलवे के कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस मिलेगा. हालांकि इससे रेलवे के वेज बिल पर 2081.68 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ जाएगा, लेकिन रेलवे ने इसके बावजूद अपने कर्मचारियों को खुश करने की ठान ली है.
बता दें कि कोरोना काल में सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) का डीए (DA) काटा गया है, इसको देखते हुए ऐसा अनुमान किया जा रहा था कि शायद इस साल बोनस (Bonus) का भुगतान नहीं हो. इसे देखते हुए रेल कर्मचारियों ने इसके लिए कई दिन पहले से ही आंदोलन शुरू कर दिया था. साथ ही बोनस नहीं दिए जाने की सूरत में देश भर में रेल का चक्का जाम करने की भी चेतावनी दी थी.
हर साल रेलवे के कर्मचारियों को दशहरे के पहले ही बोनस का भुगतान हो जाता है. लेकिन इस बार कोरोना संकट की वजह से सरकार खर्च पर लगाम लगाए हुए है. इसलिए लग रहा था कि रेल कर्मचारियों के साथ साथ सभी केंद्रीय कर्मचारियों को इस बार बोनस नहीं मिलेगा. लेकिन बीते बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केबिनेट की हुई बैठक में बोनस देने के प्रस्ताव हो हरी झंडी दे दी गई.
जानकारी के अनुसार इस साल भी बोनस की उपरी सीमा 17,951 रुपये ही तय की गई है. पिछले साल भी कर्मचारियों को 78 दिन का ही बोनस मिला था और उसकी सीलिंग 17,951 रुपये ही तय की गई थी. रेलवे मंत्रालय का कहना है कि रेलवे के सभी अराजपत्रित कर्मचारी (Non Gazetted Employees) इसके दायरे में आएंगे. इससे कुल 11.58 लाख रेल कर्मचारियों को फायदा होगा. इसमें रेलवे सुरक्षा बल (RPF/RPSF) के जवान शामिल नहीं हैं.
