रायपुर. विधानसभा में भूपेश सरकार ने केंद्रीय सरकार के कृषि कानून को बेअसर करने के लिए विधेयक पारित किया गया। विधेयक में किसान हित में बेहद कड़े प्रावधान किए गए हैं। सबसे अहम प्रावधान मंडियों में फसलों की बिक्री को लेकर है। विधेयक में कहा गया है कि किसी भी उपज की बोली सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से अधिक होगी। समर्थन मूल्य से कम बोली लगाने या उपज खरीदने पर जेल के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। साथ ही खरीदार को सारे कागज साथ रखने होंगे, जिनकी कभी भी जांच की जा सकेगी। कांग्रेस सरकार ने मंगलवार को दो दिनों के विशेष सत्र में छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक 2020 पारित किया है। सत्र एक ही दिन में खत्म हो गया। पारित विधेयक में यह प्रावधान है कि मंडी प्रांगण में ऐसी कृषि-उपज की, जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा समर्थन कीमत घोषित की गई है, और जिसके क्रय के लिए शासन द्वारा एजेंसी नियुक्त की गई हो, कीमत उस कीमत से कम निर्धारित नहीं की जाएगी। इसका आशय है कि अब मंडियों में खुली बोली या नीलामी से बिक्री समर्थन मूल्य से अधिक ही होगी। सरकार ने दावा किया है कि ये विधेयक राज्य के किसानों के हितों की रक्षा के लिए हैं। विधेयक में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
मंडियों में समर्थन मूल्य से कम दाम पर खरीदी फसल तो जेल और जुर्माना
