पुलवामा हमले में अपनी भूमिका के लिए पाकिस्तान के कबूलनामे से उन राजनेताओं के चेहरे पर करारा तमाचा लगा है, जिन्होंने 2019 में CRPF के 40 जवानों के शहीद होने के बाद भारत सरकार की निंदा की थी और सबूत की मांग की थी।
पुलवामे हमले के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा था, वहीं लोग पाकिस्तान के कबूलनामे के बाद अब अपने आरोपों को ढकने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मोदी सरकार पर “दुश्मन के साथ हाथ मिलाने” का आरोप लगाते हुए स्पष्ट रूप से इस विषय पर जवाब देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, “सरकार के खिलाफ ऐसे कोई सवाल नहीं उठाए गए। 40 सैनिक कैसे शहीद हुए, यह उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। इस तरह का सवाल हर भारतीयों का अधिकार बनता है।”
कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत कई विपक्षी नेताओं ने हमारे बहादुरों की शहादत पर राजनीति की थी। इस दौरान उन्होंने सवाल किया था, क्या मोदी सरकार ‘सीआरपीएफ के जवानों की शहादत’ पर ‘लाभ’ लेना चाहते हैं।
वही नेता अब पुलवामा हमले पर पाक द्वारा कबूलनामे के बाद शांत हो गए हैं। इस साल की शुरुआत में ट्वीट करने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है, ‘पुलवामा हमले से सबसे ज्यादा फायदा किसे हुआ?’
गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पुलवामा हमले के बाद कहा था, ‘पाकिस्तान और इमरान खान खुलकर मोदी जी का समर्थन कर रहे हैं। अब यह स्पष्ट है कि मोदी जी ने कुछ गुप्त समझौता किया है। हर कोई पूछ रहा है – क्या पाकिस्तान ने मोदी जी की मदद के लिए चुनाव से ठीक पहले 14 फरवरी को पुलवामा में हमारे 40 बहादुर सैनिकों को मार दिया था?’
वहीं पुलवामा हमले के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 40 जवानों की शहादत को याद करते हुए सरकार से पूछा था, हमले से सबसे अधिक किसे फायदा हुआ? हमले में जांच का परिणाम क्या है? बीजेपी सरकार में से किसने अभी तक हमले की अनुमति देने वाली सुरक्षा चूक के लिए जवाबदेह ठहराया है?
पाक ने ली पुलवामा हमले की जिम्मेदारी
इमरान सरकार के मंत्री फवाद चौधरी ने आज पाकिस्तान संसद में कहा है कि, ”हमने हिंदुस्तान के अंदर घुसकर मारा है और पुलवामा में जो कामयाबी है।। वो इमरान खान की और कौम कामयाबी है। उसके हिस्सेदार आप भी सब हैं। उसके हिस्सेदार हम भी सब हैं और जिस तरीके से आप ये बाते करें और कहें।। पुलवामा के वाक्ये के बाद जिस तरह से हमने घुसकर मारा हिंदुस्तान को..’
गौरतलब है कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के कफीले पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।
