सेक्स क्या है?
सेक्स का मतलब विभिन्न लोगों के लिए अलग-अलग हो सकता है। सेक्स आपके विश्वास, आपकी कामुकता और यहां तक कि आपके गुप्तांगो पर भी प्रभाव डालता हैं। एक यौन क्रिया में वजाईनल सेक्स के अलावा कई चीजें शामिल होती हैं। सेक्स को मुख्यतः दो प्रकार में बाटा जाता है, प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स ।
जानिए प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स में अंतर
प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स में अंतर: प्राकृतिक सेक्स (Natural Sex)
जिस यौन क्रिया से प्रजनन संभव है उस क्रिया को प्राकृतिक सेक्स कहते हैं। प्राकृतिक सेक्स में वह सब कुछ शामिल है जो करने में नेचुरल लगता है, जैसे कि गले लगाना, चुंबन, किसी भी स्पर्श जो आपकी यौन उत्तेजना को बढ़ा दे, ओरल सेक्स, इत्यादि। प्राकृतिक सेक्स के मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं :
प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स में अंतर: ओरल सेक्स
ओरल सेक्स जिसे हिंदी में मौखिक संभोग कहा जाता है वह यौन क्रिया है जिसमें पार्टनर को एक्साइट करने के लिए उसके गुप्तांगो पर होंठ, जीभ या दांत का उपयोग किया जाता है।
प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स में अंतर: हस्तमैथुन
सेक्स के इस रूप में पेनेट्रेशन नहीं होता। इसमें आप अपने साथी के सामने या हस्तमैथुन करने में उनकी मदद करते है। यह यौन गतिविधि का सबसे सुरक्षित रूप है क्योंकि इसमें गर्भावस्था या संक्रमण का जोखिम न के बराबर है।
प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स में अंतर: अप्राकृतिक सेक्स (Unnatural Sex)
समलैंगिक यौन संबंध, जानवरों के साथ या सेक्स टॉयज का उपयोग से की जानेवाली की गयी यौन क्रिया को अप्राकृतिक सेक्स की श्रेणी में रखा जाता है। लोग इस विषय पर कोई बात नहीं करना चाहते, इसलिए यह अपराध को भी जन्म देता है। समलैंगिक संबंधों में hiv का खतरा सामान्य कपल्स की तुलना में 28 गुना ज्यादा होता है। एनल सेक्स भी अप्राकृतिक माना जाता है। इसकी वजह से हैपिटाइटिस और एचआईवी जैसे यौन रोग हो सकते हैं।
दरअसल, अप्राकृतिक सेक्स मनोवैज्ञानिक और शारीरिक दोनों रूप से आपको प्रभावित करता है और जब यह एक आदत बन जाती है तो और भी गंभीर समस्या बन सकती है। होमोफोबिस समलैंगिकता को ‘अप्राकृतिक’ के रूप में माना जाता है। कुछ विशेषज्ञ एनल और ओरल सेक्स को भी अप्राकृतिक मानते हैं।
